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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा हेतु सांसद को सौंपा ज्ञापन

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कुशीनगर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग) जिला इकाई कुशीनगर द्वारा मंगलवार को कुशीनगर सांसद विजय दूबे को गोरखपुर मंडल अध्यक्ष राजेश शुक्ल के नेतृत्व में एक ज्ञापन सौंपकर टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता समाप्त किए जाने और उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय स्तर पर 2010 और उप्र में 27 जुलाई 2011 के पहले से नियुक्त एवं सेवारत शिक्षकों की इस गंभीर समस्या से सांसद श्री दूबे को विस्तारपूर्वक अवगत कराया और संसद के आगामी मानसून सत्र में इस मुद्दे को सदन में उठाने का अनुरोध किया।
महासंघ ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि इन शिक्षकों ने वर्षों तक शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नियुक्ति के वर्षों बाद नई पात्रता संबंधी शर्तों को पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्याय, समानता और विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। इससे हजारों शिक्षकों एवं उनके परिवारों के समक्ष गंभीर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

गोरखपुर मंडल अध्यक्ष राजेश शुक्ल ने कहा टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय लागू नियमों एवं वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप हुई थीं। वर्षों की सेवा के बाद उनकी सेवा सुरक्षा पर किसी प्रकार का संकट उत्पन्न होना न्यायसंगत नहीं है। महासंघ शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक माध्यमों से निरंतर प्रयास करता रहेगा। तथा जिलाध्यक्ष अविनाश शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के लाखों शिक्षक सरकार और जनप्रतिनिधियों से संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण निर्णय की अपेक्षा रखते हैं। हमें विश्वास है कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा अधिकारों की रक्षा हेतु शीघ्र सकारात्मक पहल की जाएगी, जिससे शिक्षकों में व्याप्त असमंजस समाप्त हो सके।

जिला महामंत्री दिलीप पाण्डेय व संयुक्त महामंत्री महेश कर्णधार ने अनुरोध किया कि इस विषय को आगामी संसद सत्र में प्रमुखता से उठाते हुए टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पेंशन तथा अन्य वैधानिक लाभों की सुरक्षा हेतु आवश्यक विधायी, नीतिगत अथवा प्रशासनिक समाधान सुनिश्चित कराने का प्रयास करें महासंघ ने आशा व्यक्त की है कि सरकार एवं जनप्रतिनिधि इस विषय पर गंभीरता से विचार कर शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। इस अवसर जिला संगठन मंत्री अनिरुद्ध त्रिपाठी,अमर प्रकाश पाण्डेय, सुकरौली अध्यक्ष श्याम सुंदर तिवारी, सुनील कुमार आदि शिक्षक उपस्थित रहे।

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